️ भरोसा मत तोड़िए ️किसी के हिस्से की इंसानियत बचा लीजिएएक भावुक कहानी — ---️ भाग–1 : वह लड़का और उसकी छोटी-सी दुनियाशहर के पुराने हिस्से में एक छोटी-सी किराने की दुकान थी—“सद्भावना जनरल स्टोर”।दुकान के मालिक थे गोविंदलाल जी।उम्र लगभग पचपन वर्ष थी। दुकान बहुत बड़ी नहीं थी, लेकिन मोहल्ले में उनकी पहचान सिर्फ एक दुकानदार की नहीं थी। कोई गरीब ग्राहक दो दिन बाद पैसे देने की बात करता, तो वे सामान दे देते। कोई बुजुर्ग महिला एक किलो आटा लेने आती और पैसे कम पड़ जाते, तो गोविंदलाल जी कहते—“अम्मा, पैसे जब हों तब दे देना… पहले घर