प्रियांशी मधु नगर में अपनी दादी कमला के साथ रहती थी। उसके परिवार में कमला के अलावा कोई नहीं था। कमला लकड़ी के खिलौने बना कर बेचती थी जिससे उन दोनों का खर्च चल रहा था।प्रियांशी अपनी दादी की सारी बातें मानती थी और उसकी सिखाई अच्छी बातों को अपने दोस्तों के साथ भी साझा करती थी। उसे जीव जंतुओं से बहुत लगाव था। एक दिन प्रियांशी स्कूल से घर आ रही थी उसे रास्ते में एक कुत्ते का छोटा सा पिल्ला मिला उस पिल्ले पर किसी ने गाड़ी चढ़ा दी थी वह बुरी तरह घायल था।प्रियांशी ने उसे गोद में