आईने में बदलता जीवन - भाग 2

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तीसरी कक्षा में पहुँचते-पहुँचते विभा के मन में एक सवाल उठने लगा—“हमें पढ़ना क्यों जरूरी है?”वह सोचती, आखिर सभी लोग एक जैसे क्यों नहीं होते?कुछ बच्चे पढ़ाई में बहुत अच्छे थे। उनके टेस्ट में अच्छे अंक आते, शिक्षक उनकी प्रशंसा करते और वे हर काम जल्दी सीख लेते। लेकिन विभा के साथ ऐसा क्यों नहीं था?उसके मन में बार-बार यही सवाल उठता—“मेरे नंबर दूसरों से कम क्यों आते हैं? मैं दूसरों की तरह होशियार क्यों नहीं हूँ? मैं उनसे पीछे क्यों रह जाती हूँ?”यह सवाल धीरे-धीरे उसके मन में घर करने लगा।वह किसी से कुछ कहती नहीं थी। अपनी परेशानी