यादों का खजाना

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यादों का खजाना मोहन की शहर में नौकरी लगी तो वो अपने साथ परिवार को भी ले आया। दोनों ने एक कमरा किराए पर लिया और नए सिरे से गृहस्थी की शुरुआत की। दोनों के चार बच्चे हुए - दो लड़के और दो लड़कियां। बड़ा लड़का वरुण, फिर बड़ी लड़की विनीता, फिर छोटा लड़का अरुण और सबसे छोटी अनीता। चारों में तीन-तीन साल का अंतर था।अनीता अभी बहुत छोटी थी। बाकी तीनों भाई-बहन पास के ही स्कूल में पढ़ने जाते थे। वरुण चौथी में, विनीता पहली में और अरुण एल.के.जी. में। तीनों साथ-साथ जाते। स्कूल पांचवी तक ही था इसलिए जब