एपिसोड 1: अनकही आवाज़ और एक नया मोड़शहर के सबसे व्यस्त चौराहे पर स्थित उस कैफे का माहौल हमेशा शोर-शराबे से भरा रहता था। हर कोई अपनी दुनिया में खोया था—किसी को फोन पर बात करने की जल्दी थी, तो कोई अपने लैपटॉप पर तेजी से उंगलियाँ चला रहा था। इसी भीड़ के बीच एक कोने में सीमा बैठी थी। उसकी ज़िंदगी भी इस शहर की रफ़्तार की तरह ही बेतहाशा भाग रही थी। एक बड़ी कॉरपोरेट कंपनी में मैनेजर होने के नाते उसके पास सब कुछ था—अच्छा पद, बेहतरीन वेतन और एक शानदार घर। लेकिन अगर कुछ नहीं था,