काफला यूँ ही चलता रहा - 9

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------------3*----- गहरे राज उसी जगह खड़ा था यहां कभी कथलीन ख़डी होती थी... आज मानक ने महसूस किया ---- " किसी को धोखे मे मत रखो। " चलो होता है जवानी के जोश मे, पर होश मत खो दो। प्यार हदबंदी से भी आगे निकल जायेगा, किसने सोचा था... प्यार कया है बहुत मानिक ने सर्च की.... जज्बातो की कदर, पैसे की ललक, खूबसूरती, बातो का गिरना या उठना..... गहराई मे ही संतुष्टि है, गिरना कितनी वार, अक्सर हर कोई बड़ी बड़ी पदवी वाले भी यही करते है.... कयो होता है ऐसा, कयो रिश्ते फिर बन जाते है। जैसे जन्मों