विरासतअध्याय 1 : एक अजीब वसीयतसावन अपने पूरे यौवन पर था। रात भर हुई वर्षा ने देवपुर गाँव की गलियों को धो दिया था। पेड़ों की पत्तियों से टपकती बूँदें सुबह की शीतल हवा के साथ मिलकर एक मधुर संगीत रच रही थीं। दूर मंदिर से आती घंटियों की ध्वनि वातावरण में शांति घोल रही थी। पर उस दिन यह शांति केवल प्रकृति तक सीमित थी। गाँव के लोगों के मन में एक अनकही हलचल थी। सूरज की पहली किरणें अभी धरती पर पूरी तरह फैली भी नहीं थीं कि गाँव के सबसे बड़े मकान के बाहर लोगों की भीड़