रेत का आशियाना

रणजय सर के ट्यूशन से बाहर निकलते ही कड़कड़ाती बिजली के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। इसलिए वे सड़क के सामने एक किराने की दुकान के छज्जे के नीचे खड़ी हैं। 'वे' यानी रंजाबती और उसकी पक्की सहेली ऋतुजा, जो उसका साथ देने के लिए उसके साथ है।​रंजाबती आज छाता लाना भूल गई है। और इन वेदर रिपोर्ट वालों का भी क्या कहें, सब गलत-मलत दिखाते हैं! आज सुबह ही उसने देखा था कि रात में बारिश नहीं होगी; और इधर अब यह क्या तमाशा है! वह बहुत चिढ़ गई है।​रंजा ने कहा, "तू मेरे लिए इंतज़ार मत कर,