अध्याय १: बिसात के मोहरे दृश्य १: खाकी का रौब और छिपा हुआ गुलाब रात के करीब दो बजे थे। नगर के बाहरी छोर पर स्थित एक पुराने, सुनसान गोदाम को चारों तरफ से पुलिस की गाड़ियों ने खामोशी से घेर रखा था। गोदाम के भीतर दो शातिर नशीले पदार्थों के तस्कर अपनी बंदूकें ताने छिपे हुए थे, किंतु उनके माथे से पसीना बह रहा था। कारण? उनके ठीक सामने अंधेरे से निकलकर खड़ी थी शहर की सबसे कड़क और बेखौफ पुलिस अधिकारी—कामिनी। कामिनी की आँखों में कानून की एक ठंडी और कठोर कड़वाहट थी। उसने अपनी सर्विस रिवॉल्वर को