आख़िरी वादा

अहंकार में अंधी IPS कामिनी अपने ही बेगुनाह पति अमर को खौफनाक रात जंगल में कुचल देती है। अमर की बहन पूजा 'प्रतिशोध की देवी' बनकर दुश्मनों का खात्मा करती है। 2 साल बाद कामिनी को मौत से भी खौफनाक सजा मिलती है—अमर की आँखों में सिर्फ एक मुकम्मल 'शून्य'!