जीवन साथी घर का कोना कोना सुरभि की आवाज से गूंजता रहता था सभी की लाडली ज्योति सुरभी जो थी सुरभि पढ़ने में कुशाग्र नृत्य संगीत में सबसे आगे रहने वाली इस युवा लड़की पर कॉलेज का हर युवा फिदा था सभी मनचले सुरभि को निहारत आहे भारते थे पर एक दृढ़ व्यक्तित्व की स्वामिनी सुरभि के समक्ष कुछ कहने की हिम्मत किसी में नहीं थी कॉलेज के किसी भी कार्यक्रम में यदि सुरभि हिस्सा लेती तो अन्य प्रतिभागी प्रतिभागी भी इस प्रतियोगिता का हिस्सा बनने को आतुर नजर आते थे कॉलेज के प्रोफेसर महिला शिक्षकों की चाहिए थी सुरभि