निर्मला घबराकर कहती है ---निर्मला :- सुनिये ना जी । वो निधी अभी तक घर नही आई है । भरत अपनी घड़ी दैखता है जिसमे रात के 10 बज रहे थे । भरत निर्मला से चितां भाव से कहता है --भरत :- अब तक तो उसे आ जाना चाहिए था । तुमने उसे फोन किया ?निर्मला :- आप जरा पता किजिये ना । उसका फोन भी स्विच ऑफ़ आ रहा है । मुझे तो बहोत घबराहट हो रही है ।भरत निर्मला को समझाकर कहता है ---भरत :- तुम चिंता मत करो । वो शायद किसी एमरजेंसी काम मे होगी । मैं