सोलह साल की आयत अपने माँ-बाप की इकलौती बेटी थी। पढ़ाई में होशियार, शालीन और बड़े सपने देखने वाली। उसका सपना था कि एक दिन वह अपने गाँव की पहली महिला अफ़सर बने। लेकिन एक दिन सोशल मीडिया पर आए एक अनजान मैसेज ने उसकी ज़िंदगी का रुख़ बदलना शुरू कर दिया।मैसेज था—"आपकी मुस्कान बहुत ख़ूबसूरत है। क्या हम दोस्त बन सकते हैं?"पहले तो आयत ने जवाब नहीं दिया, लेकिन रोज़ आने वाले शालीन और मीठे संदेशों ने उसका भरोसा जीत लिया। उस लड़के का नाम ज़ैद था। वह खुद को पढ़ा-लिखा, शरीफ़ और बेहद समझदार बताता था। कुछ ही