चौहान हवेली – रात का समयलिविंग रूम –घर के सभी लोग अपने-अपने कमरों में जा चुके थे। सिर्फ लिविंग रूम में हल्की रोशनी जल रही थी।विराट (सॉफ्ट मुस्कान के साथ, संपूर्णा के पास बैठते हुए) बोला - आज पूरा दिन बहुत भागदौड़ में निकल गया… पर सबसे सुकून का पल अभी मिला है।संपूर्णा (हल्के से सिर झुकाते हुए) बोली - जब आप पास होते हो विराट जी… तो दिन की सारी थकान ऐसे ही गायब हो जाती है।विराट उसकी तरफ देखता है, कुछ पल चुप रहता है।विराट (धीरे से) बोला - तुम हमेशा सब संभाल लेती हो… घर, बच्चा, और मुझे भी। कभी