अचानक लग झटके साथ भावेश की तन्द्रा टूटी । वो लैण्ड कर चुके थे अहमदाबाद में । यहाँ से उसे जयपुर के लिए दूसरी लिंक फ्लाइट पकड़नी थी । अभी उसे तीन घण्टे तो अहमदाबाद एयरपोर्ट पर गुज़ारने थे। अहमदाबाद से जयपुर के लिए फ्लाइट रात ग्यारह बजे है । डिनर भी एयरपोर्ट पर मिलने वाला था। सभी यात्रियों के साथ अपना लेपटॉप बैग उठाकर भावेश भी नीचे उतरने लगा था । एयरपोर्ट के बाहर वो जाना भी नहीं चाहता था । दोबारा चैक इन करने का झंझट कौन मोल ले और फिर अहमदाबाद तो वो पचासों बार आ चुका