कमिश्नर राकेश संध्या के बिल्कुल करीब आए और धीमी लेकिन बेहद सख्त आवाज में बोले, "संध्या, तुमने सिर्फ अपनी साख नहीं दांव पर लगाई, बल्कि उस वर्दी का भी अपमान किया है जिसे पहनने का सपना हज़ारों ईमानदार लोग देखते हैं। अब इसका हर्जाना तो तुम्हें भरना ही होगा।"सस्पेंशन और सरेंडरकमिश्नर ने सबकी मौजूदगी में अपना हाथ संध्या के कंधे की ओर बढ़ाया और उसके कंधे पर लगे सितारे (Stars) नोच लिए। भीड़ में सन्नाटा छा गया, सिर्फ कैमरों के फ्लैश की आवाज गूंज रही थी।कमिश्नर: "आईपीएस संध्या सिंह, आपको तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया जाता है। अपनी सर्विस रिवॉल्वर