--- मेरे बेटे को नींद आने लगी थी। थोड़ा चलते ही रोने लगा। "मम्मी मुझसे नहीं चला जा रहा। थोड़ी देर सोने दो। बस पांच मिनट सोने दो। बिना सोए कैसे चलूंगा, उल्टी आ जाएगी।" हम दोनों की भी हालत खराब हो रही थी लेकिन वहां रुकने की बैठने की कोई जगह नहीं थी। जगह-जगह खच्चर का गोबर पड़ा था। सड़क बहुत गंदी थी। पांच मिनट हम रेलिंग के सहारे खड़े होकर सुस्ताए। फिर पुनः हिम्मत की और एक-दूसरे का जोश बढ़ाया और फिर चलने लगे। जबकि तीनों के पैर दर्द कर रहे थे। मेरा बेटा तो रोने लगा - "अब कभी