जिंदगी की दूसरा किनारा पार्ट 28और वही दूसरी मंजिले परदामिनी अपनी बेटी के कमरे से मूरते हुए चलकर वापस गलियारों की तरफ बढ़ती है और वही वीरअचानक अपने कमरे से निकलते हुए मूरते हुए गलियारों में दौड़ते हुए सीडीओ की तरह भागता है अपनी मां से आगे निकलते हुए और तभी अचानक दामिनी अपने बेटे को खुद से आगे जाते हुएदेख सीरियस चेहरे के साथ उसके सेफ्टी के लिए हल्की ऊंची आवाज में कहता है संभाल कर जाना और वही वीरअपनी मां की बातों को इग्नोर करते हुए सीड़ीयों की तरफ आते हुए अचानक अपने हाथ बरा कर सीड़ीं के बगल में लगी हुई रोड को पकड़ लेता है और अचानक सर उठाकर अपने