बीते न रैना भाग - 10

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इसका कारण ये है, कि कभी जो हम सोचते नहीं वो हो जाता है। एक चोरी पैसो कि हो जाने से लेखक पत्थलेखक टूट गए... जो स्टेज पर काम करते थे उनको मेहनत कहा से दे। ये नाटक यही पे खत्म हो गया।------------------------------समाप्ति आगे हम कुछ लिखेंगे कुछ ऐसी हकीकत जो सब को पता तो चले.... ईमानदार कहना कठिन कयो होता है?                        ( ईमानदारी )                 बात सच्ची है, मेरे दोस्त पर ही होई बीती कथा है। पंजाब के  भिखी पिड की कहानी