कुरिवाज की केद से सपनों की उड़ान तक - 1

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आज में बात करने वाली हुं एक लड़की के बारे में है थोड़ी सी नटखट , चुलबुली जिसे देख मन बस उसी के पास चला इतनी भोली शक्ल की कोई उससे नफ़रत न कर सके ।हां, बहुत छोटी सी ही है सिर्फ ४ साल की पर उसके सपने बहुत बड़े हैं पर कहते हैं ना कि जीवन में जितने बड़े सपने होंगे उतना ही कठिन रास्ता होता है।किसी ने कहा है कि "हमेशा सपने ऊंचे देखने चाहिए" लोग सपने तो ऊंचे देख लेते हैं पर ये भूल जाते हैं कि सपने पुरे करने के लिए महेनत की भी जरूरत पड़ती है।अच्छा