Devil की दास्तान - 34

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(आसमान में बादल छाए हुए हैं। गुफा के बाहर रात का अँधेरा गहराता जा रहा है।करण अभी भी थोड़ा कमज़ोर है, उसकी आँखों में थकान है, पर सिमरन के चेहरे को देखकर वो मुस्कुरा देता है।)करण (धीरे से) बोला - “अब सब ठीक है... बस थोड़ी ताकत लौट आए तो सब ठीक हो जाएगा…”(सिमरन हल्की मुस्कान देती है, लेकिन तभी गुफा के बाहर ज़मीन काँपती है। हवा तेज़ हो जाती है।गुफा की दीवारों से अजीब सी परछाइयाँ फिसलती हैं — और एक गूंजती हुई आवाज़ आती है…)आवाज़ (गूंजती हुई) बोली - “तू जितना भाग ले करण… मौत से नहीं छिप सकता…”(करण चौंकता