जिंदगी की दूसरा किनारा पार्ट 27और वहीं कुछ समय बाद तकरीबन तकरीबन 7:30 बजे और डॉक्टर देव अपने पेशेंट की दूसरी साइड पेशेंट की तरफ झुकता हुए अपनी पेशेंट के बॉडी में लगे हुए मॉनिटर तारों को अपने हाथों से पकढ़ते हुए देखते देख रहे हैं और वही अभिराज भी अपनी बेटी को देखते हुएवही उसे रूम मे अपने बेटी से 5 6 कदम दूर खड़ा है खामोशी के साथ और वही हॉस्पिटल हेड़ भी उस पेशेंट को देखते हुएअभिराज के दो कदम पीछे खड़े हैं और वही डॉक्टर देव उन तारों को अपने हाथों से छोड़ते हुए नजर घुमा कर दूसरी दीवार के पास लगी हुई लाइफ मॉनिटर