कि गुजरते हुए हर लम्हे मुझे फुरसत के लगते हैं यादों के सुनहरे धागे मुझे तेरे संग ओर खूबसूरत लगते हैं रुकी सी मेरी जिंदगानी के पल मुझे तेरे आने से ओर भी खुशनसीब लगते हैं , हवाओं का चलना भी मुझे सुकून भरे लगते हैं रुकी सी यादों में तेरे एहसास मुझे अपने से लगते हैं बिखरी सी बातें भी मुझे तुझ संग ओर सुहानी सी लगती हैं ये जहां की हसी रुत मुझे तुझ संग ओर खूबसूरत लगती है चाहतो के अरमान मुझे तुझ संग ओर प्यारे से लगते हैं तेरे होने के एहसास मुझे ओर भी