Devil की दास्तान - 33

  • 453
  • 114

(जंगल में चारों तरफ डेविल्स घिरे हैं। सिमरन अकेली है, इंसान होने के नाते उसका दिल तेज़ धड़क रहा है, लेकिन उसका दिमाग़ शांत और तेजी से काम कर रहा है।)“सिमरन इंसान थी, लेकिन इंसान का दिमाग़ देवियों और शैतानों के मुकाबले तेज़ और चालाक होता है।उसने हर खतरे का आकलन किया और अपनी सूझबूझ का इस्तेमाल करने का फैसला किया।”(सिमरन चारों डेविल्स की स्थिति देखती है, पेड़ों की शाखाओं, पत्तों और झाड़ियों को ध्यान में रखती है।)सिमरन (अपने आप से, फुसफुसाती हुई) बोली - “अगर मैं सिर्फ डरूंगी तो हम हार जाएंगे…मैं करण जी को बचाऊंगी, चाहे कुछ भी हो।”(वो