खण्ड - 02 महाराणा: सहस्त्र वर्षों का धर्मयुद्ध - भाग 9

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महाराणा राज सिंह : श्रीनाथ जी का मेवाड पधारना, औरंगजेब की पराजय(1652-1680 ईसवी)महाराणा राज सिंह के साथ मेवाड़ के महाराणाओं की उस वीरगाथा का अंत होता है, जिन्होंने इस्लामी आक्रांताओं का एक सहस्र वर्षों तक निरंतर, वीरतापूर्वक विरोध किया और भारतवर्ष में इस्लामी आक्रांताओं के निर्मम अत्याचारों का सतत प्रत्युत्तर दिया।समकालीन हिंदू समाज की वैचारिक रिक्तता व मतांध हत्यारों के सम्मुख समर्पण को देखें तो महाराणा राज सिंह की यह कथा और इसके पात्र अवास्तविक से लगते हैं।कविवर श्यामलदास और कर्नल जेम्स टॉड व राजेंद्र शंकर भट्ट द्वारा मेवाड़ के इतिवृत्त तथा गाथाओं के ध्यानपूर्वक, संरक्षित संकलन के अध्ययन से