खण्ड - 02 महाराणा: सहस्त्र वर्षों का धर्मयुद्ध - भाग 8

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करण सिंह (1620-1628 ईसवी) एवं जगत सिंह (1628-1652 ईसवी)करण सिंह को 1620 ईसवी में आधिकारिक रूप से मेवाड़ का महाराणा बना दिया गया। करण सिंह साहसी योद्धा तो थे ही, साथ ही सरल हृदय तथा परोपकारी राजा भी थे। करण ने अपने आठ वर्ष के शासन में युद्धों से खंडित मेवाड़ को आर्थिक व सामाजिक रूप से सुदृढ़ करने का प्रयास किया।उन्होंने बिना किसी सशस्त्र संघर्ष के केवल अपने बुद्धि-चातुर्य एवं नीति-कौशल्य से मेवाड़ की सीमाओं का मालवा एवं गुजरात में विस्तार किया। हमने अमर सिंह के अध्याय में पढ़ा एवं जाना कि करण सिंह आगरा तथा अजमेर में लगाए