पवित्र प्रेम या अभिशाप Season 2 - 13

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रात का सन्नाटा एक भयानक गर्जना से टूट गया। जंगल के चारों ओर से दर्जनों राक्षस निकल आए। उनकी लाल आँखें अंधेरे में चमक रही थीं। रितांश तुरंत खड़ा हो गया। उसकी आँखें भी गहरी लाल हो गईं। उसने सिद्धिदात्री को अपने पीछे कर लिया।एक राक्षस गुर्राया—रक्तवंश के उत्तराधिकारी! आज तुम्हारा अंत निश्चित है!यह कहकर वे सब एक साथ रितांश की ओर झपट पड़े। लेकिन इससे पहले कि वे उसके पास पहुँचते सिद्धिदात्री आगे आ गई।उसकी आँखें अचानक Sky Blue हो गईं।उसकी गर्दन पर बना ॐ का चिन्ह तेज़ी से चमकने लगा। उसने अपना हाथ आगे बढ़ाया। अगले ही पल