परम पूज्य दादा भगवान कहते हैं कि बाहर भगवान ढूँढने जाओगे तो वे मिलेंगे नहीं। इसलिए मनुष्यों की सेवा करो। क्योंकि मनुष्य में भगवान विराजमान हैं।बुजुर्गों की सेवा करने से हमारी भौतिक उन्नति तो होती ही है, बल्कि साथ-साथ में अध्यात्म में भी ऊँचे आते हैं। परम पूज्य दादाश्री कहते हैं, "बुज़ुर्गों की सेवा करने से अपना यह विज्ञान विकसित होता है। कहीं मूर्तियों की सेवा होती है? मूर्तियों के क्या पैर दुखते हैं? सेवा तो अभिभावक हों, बुज़ुर्ग या गुरु हों, उनकी करनी होती है।" बुज़ुर्गों की तकलीफ समझकर करें सेवाबुज़ुर्गों की सेवा का अर्थ है अपने माँ-बाप, सास-ससुर,