दिवेर का युद्ध : मेवाड़ का मैराथन व अकबर की निर्णायक पराजयसन् 1576 में हल्दीघाटी के पश्चात् दिवेर के युद्ध के लिए सात वर्षों तक चले अभियान की पूर्णाहुति उस दिन हुई, जब महाराणा प्रताप ने 1583 में दिवेर के थाने पर लगभग बीस हजार की सेना लेकर धावा बोल दिया। तीन दिन तक चली इस मार-काट में प्रताप ने मेवाड़ की पग-पग भूमि पर फैले मुगलों के कुल 36 थानों को स्वतंत्र कर मातृभूमि का इंच-इंच मुगलों से मुक्त करवा लिया।प्रताप, छापामार युद्ध की अपेक्षा एक बार अपनी पूरी सैन्य शक्ति के साथ आक्रमण करना चाहते थे, ताकि मुगल