पवित्र प्रेम या अभिशाप Season 2 - 12

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जंगल का रास्ता खत्म होने का नाम नहीं ले रहा था। रितांश और सिद्धिदात्री लगातार आगे बढ़ रहे थे। कभी पहाड़ी रास्ते...कभी गहरी घाटियाँ...कभी घने पेड़ों का अंधेरा। लेकिन दोनों का लक्ष्य एक ही था कृष्णा अग्निहोत्री को ढूँढना।चलते-चलते सिद्धिदात्री बोली—तुम्हें सच में लगता है कि तुम्हारे पापा जीवित होंगे?रितांश कुछ क्षण चुप रहा।फिर बोला—पता नहीं। लेकिन दिल कहता है कि वो कहीं न कहीं ज़रूर हैं।सिद्धिदात्री ने उसकी तरफ देखा। उसके चेहरे पर दृढ़ विश्वास था।ऐसा विश्वास जो वर्षों के इंतज़ार से पैदा हुआ था। दूसरी ओर उसी समय...घर में राधा बेचैन होकर कमरे में टहल रही थी। रितांशी