वो आया शाम को। जब रोशनी और अंधेरा बीच में होते हैं, वो बीच का वक्त जब विरासत क्षेत्र के होलोग्राम अभी पूरी तरह चमके नहीं थे और दिन की भीड़ अभी गई नहीं थी।सही समय। जानबूझकर।मीरा और अर्जुन एक परित्यक्त किताबों की दुकान की पहली मंज़िल पर थे , अर्जुन का "सुरक्षित ठिकाना" जो दरअसल सिर्फ एक जगह थी जहाँ मालिक ने कभी ताला लगाना बंद कर दिया था। दोनों ने बदला नहीं था। व्यवस्था काम करती थी।लैपटॉप मेज़ पर था। खुला। सुविधा_स्थान फ़ाइल अभी भी पासवर्ड-संरक्षित थी। मीरा ने दो घंटे कोशिश की थी , कुछ नहीं।तभी नीचे