किस्त 6: आँखों की गवाहीवेस्ट स्ट्रीट की वो ढही हुई इमारत अब मलबे और धूल के गुबार में लिपटी थी। एम्बुलेंस के सायरन और लोगों के शोर के बीच (नकाबपोश जैक) एक ऊंचे खंभे पर खड़ा था। उसकी सांसें फूल रही थीं और सीने में उठा दर्द उसे याद दिला रहा था कि वो फौलाद का नहीं, खून-मांस का बना एक इंसान ही है।उसने नीचे भीड़ की तरफ देखा। तभी उसकी धड़कन रुक गई।वही सफेद ओवरकोट, वही उलझे हुए बाल। एली! वह पुलिस की लगाई हुई पीली टेप (Crime Scene Tape) के बिल्कुल पास खड़ी थी। उसके हाथ में वही