पवित्र बहु - 16

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चित्रा की बातें सुनकर दिव्यम कुछ पल तक बिल्कुल शांत बैठा रहा। उसकी आँखों में गुस्सा था, लेकिन वह गुस्सा चित्रा पर नहीं, उस आदमी पर था जिसने एक सच्ची लड़की की आत्मा तक तोड़ दी थी।दिव्यम ने धीरे से कहा, "चित्रा... मैं तुम्हारा बीता हुआ दर्द मिटा नहीं सकता। लेकिन इतना वादा करता हूँ कि अब तुम्हें कभी खुद को कमजोर महसूस नहीं होने दूँगा।"चित्रा ने उसकी ओर देखा। उसकी आँखें नम थीं।"मैं तुम्हें अपनी पत्नी मानने के लिए मजबूर नहीं करूँगा। तुम्हारा दिल जहाँ अटका है, मैं उसे जबरदस्ती बदलने की कोशिश भी नहीं करूँगा। लेकिन एक दोस्त