--------------------------------------------- हर लड़का,जो पहले लड़कियों पर अपना प्रभाव जमाना जन्मसिद्ध अधिकार समझता था, भयभीत भीगे चूहे सा घूम रहा है,बोराया सा। अपनी मित्र/गर्लफ्रेंड/संभावित पत्नी तक को शक की निगाह से देख रहा। क्या पता इसके अंदर भी सिया, विया छुपी हुई हो? लड़कों का डरना देखना ऐसा ही है मानो लंकेश को श्री राम, श्री राम कहते सुनना। इन दिनों अखबार,सोशल मीडिया, न्यूज चैनल भरे पड़े हैं इन घटनाओं से। बात होनी भी लाजमी है। क्योंकि बेचारा, निर्दोष पुरुष मार डाला गया वह भी अबला के हाथों। कहते थे औरत औरत की दुश्मन होती थी अब कह सकते हैं तीनो