पवित्र प्रेम या अभिशाप Season 2 - 9

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सुनहरी रोशनी धीरे-धीरे गायब हो चुकी थी। जंगल फिर से शांत था। रितांश अब लगभग पूरी तरह ठीक हो चुका था। लेकिन सिद्धिदात्री के हाथ अब भी काँप रहे थे। अभी कुछ देर पहले...उसे सचमुच लगा था कि वह उसे खो देगी। और यह एहसास उसे अंदर तक डरा गया था। अचानक...उसकी आँखों से आँसू निकल पड़े।वह रोते हुए बोली - तुम बेवकूफ हो...इतना घायल होने के बाद भी उड़ते रहे...अगर तुम्हें कुछ हो जाता तो...?वह बात पूरी नहीं कर पाई। अगले ही पल...वह झुककर रितांश के सीने से लग गई। उसने दोनों हाथों से उसकी शर्ट कसकर पकड़ ली। जैसे