समाज का नैतिक पतन लेख आज बहुत से युवक-युवतियाँ शादी नहीं करना चाहते क्योंकि उन्होंने अपने घर में रोज लड़ाई-झगड़े होते देखे होंगे। किसी एक को ही सबकी खुशी के लिए पिसते देखा होगा। आत्म-सम्मान का अर्थ ही है अपनी आत्मा का सम्मान। स्वयं से प्यार करना बेहद जरूरी है। आज जिम्मेदारी से भागने लगे हैं और लिव इन में रहने लगे हैं। जिससे अपराध तो बढ़ें ही है रिश्तों से भरोसा गायब हो गया है। सहन शक्ति इतनी कम हो गई है लोगों की ज़रा सी बात पर दूसरे की जान लेना भी गुनाह नहीं लगता।समाज में जब ऐसे लोगों को