वर्तमान दौर के सच को उजागर करती पुस्तक - अंधी दौड़ ।कभी कभी कुछ ऐसी बातें घटित होती हैं जिन्हे हम स्वीकारने में झिझकते हैं | समाज और परिवार भी |यह सिलसिला जब आम हो जाता है तो इस पर समाज की मुहर लग जाती है | लिव इन रिलेशन शिप का मुद्दा भी ऐसा ही है जो आज आम होता चला जा रहा है |प्रस्तुत उपन्यास “अंधी दौड़” इसी सच के ताने बाने से रची गई है |कथानक में सिर्फ़ लिव इन पर ही नहीं उससे जुड़े तमाम पहलुओं को भी रोचक तरीके से शामिल किया गया है | उपन्यासकार सूर्य नारायण शुक्ल ने आमुख में ही