---### अध्याय 1 : छोटा सा सपनाओडिशा के एक छोटे से गाँव में आरव नाम का एक लड़का रहता था। मिट्टी की दीवारों और खपरैल की छत वाले घर में उसका परिवार बड़ी मुश्किल से अपना जीवन गुजारता था। उसके पिता रामनाथ एक साधारण किसान थे और माँ सविता घर में पापड़, बड़ी, अचार और मसाले बनाकर कुछ पैसे कमा लेती थीं।गरीबी उनके घर की पुरानी मेहमान थी, लेकिन सपनों पर कभी ताला नहीं लगा था।सविता अक्सर अपने बेटे से कहती थीं—"बेटा, इंसान अमीर पैसों से नहीं, अपने विचारों और मेहनत से बनता है।"आरव बचपन से ही पढ़ने में तेज