अंतिम सलाम भारतीय सेना के वीर जवानों को समर्पित एक मार्मिक और प्रेरणादायक कहानीराजस्थान के झुंझुनू जिले के एक छोटे से गाँव सूर्यपुरा में रहने वाला कैप्टन आर्यन सिंह बचपन से ही देशभक्ति की भावना से भरा हुआ था। उसके पिता रामस्वरूप सिंह एक साधारण किसान थे और माँ सावित्री देवी गृहिणी थीं। आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी, लेकिन माता-पिता ने कभी अपने बेटे के सपनों के सामने गरीबी को आड़े नहीं आने दिया। आर्यन जब छोटा था, तब हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के अवसर पर वह स्कूल में सबसे आगे खड़ा होकर तिरंगे को सलाम