Shakti ke Shiv - 2

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शक्ति अपनी गाड़ी से शांति विहार एक्सटेंशन पहुँची। वहाँ एक सुनसान सी सड़क पर उसने गाड़ी रोक दी ! और अपने खास खबरी का इंतज़ार करने लगी!बस कहीं-कहीं जलती स्ट्रीट लाइट्स की हल्की रोशनी अंधेरे को चीरने की कोशिश कर रही थी। चारों तरफ सन्नाटा पसरा था!अपनी गाड़ी की हेडलाइट दो बार फ्लैश की। खामोशी को तोड़ते हुए किसी ने धीरे से खिड़की पर दस्तक दी।शक्ति ने नज़र उठाई—और बिना एक शब्द कहे दरवाज़ा खोल दिया।वह व्यक्ति गाड़ी में बैठा था। गाड़ी की हल्की रोशनी में भी उसका चेहरा साफ दिखाई दे रहा था।शक्ति: “डिटेल में बताओ, रवि।”रवि ने गहरी