शून्य का सिरा और भटकती रूहभाग एक: वास्तविकता का टूटना (The Glitch)सगाई वाले घर से अपमानित होकर भागने के ठीक बाद इकबाल एक तंग गली में मुडता है और अचानक सारा शोर थम जाता है. सामने वही सगाई वाला हॉल है, लेकिन वहां सन्नाटा है. कोई मेहमान नहीं, कोई नगाडा नहीं. फर्श पर वही पाँच सौ का नोट पडा है, लेकिन उस पर गांधी जी की जगह इकबाल राज की फोटो छपी है. इकबाल उस नोट को उठाता है, तो उसके हाथ में नोट नहीं, बल्कि राख का एक ढेर रह जाता है. क्या इकबाल की दिमागी हालत बिगड गई