नीली रोशनी - 3

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शम्भू ने एक चाय का घूंट भरा और बोला मियां जी कोशिश तो करो साली कामयाबी जरूर मिलेगी नफीस ने ऊंट जैसी गर्दन हिलाई और फिर हवा में झपटा मारा और धड़ाम से नीचे आ गिरा, फिर कहारते हुए बोला,अरे बाप रे !, मर गया !क्या हुआ मीयां जी ?तेरा सर नाक बच गई वरना टूटकर अलग ही हो जाती।मियां जी उसकी किस्मत में यही लिखा है। क्यों मियां जी !जब ख्यालों में जानवरों के चौखटों से कुश्ती लड़ोगे तो और क्या होगा ? है के नहीं ?साले ! मेरे दुश्मन है यां नौकर नहीं तो ऐसा ही सोचेगा।खुदा मुझे गारत