षड्यंत्र - भाग 13

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अभी तक आपने पढ़ा कि रितु का परिवार भावनात्मक रूप से पंकज से जुड़ गया और विदाई के समय सबने उसका आभार व्यक्त किया। रितु भी पंकज के सच्चे प्यार को महसूस कर रोते हुए उससे लिपट गई, जिससे परिवार भावुक हो उठा। गाँव लौटने पर उनका दोस्त राहुल भी बिना कुछ जताए सामान्य व्यवहार करता रहा, जबकि बसंती ने रितु को संभालते हुए उसे जीने की हिम्मत दी। अब इसके आगे पढ़ें- एक माँ के लिए यह बड़ी कठिन परीक्षा की घड़ी थी। बेटी कहीं कुछ कर ना ले यह डर बसंती के दिलो दिमाग में इस कदर घर