सिख धर्म के प्रणेता गुरू नानक देव जी का जन्म १४६९ इन, में हुआ था। 1496 ई, मे उन्होने ना केवल हिन्दू ना कोई मुसलमान,का उपदेश दिया।उनका सारा जीवन मानवता और न्याय के लिए, अत्याचारी और अन्याय के खिलाफ संघर्ष को बढ़ावा देने में ही बीता।अपने जीवन काल में गुरू नानक देव जी ने चार उदासियों (यात्राओं) के दौरान एशिया महाद्वीप के लगभग सभी देशों में जाकर धर्म के नाम पर भ्रम में पड़े लोगों को सत्य की राह दिखाई।गुरू नानक देव जी सिख धर्म के पहले नेता ( पिता) थे जिन्होंने जन सधारण की पीड़ा और वेदना को वाणी (वचन