शहर की रोशनी

शहर की रोशनी(भावनात्मक हिंदी कहानी)लेखक: विजय शर्मा ऐरीशहर की चमचमाती रोशनियाँ दूर से किसी सपनों की दुनिया जैसी लगती हैं। गाँव के कच्चे रास्तों पर चलने वाले लोगों को लगता है कि शहर में कदम रखते ही जिंदगी बदल जाती होगी। लेकिन हर रोशनी के पीछे कुछ अंधेरे भी छिपे होते हैं, जिन्हें हर कोई नहीं देख पाता।पंजाब के एक छोटे से गाँव में रहने वाला राहुल भी ऐसा ही सपना देखता था। उसके पिता किसान थे और माँ गृहिणी। परिवार की आर्थिक हालत बहुत अच्छी नहीं थी, लेकिन फिर भी माता-पिता ने उसे पढ़ाया-लिखाया।एक दिन राहुल ने अपने पिता