बुराई की अंधी चेन

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“हम रोज़ चिल्लाते हैं कि दुनिया बहुत बुरी है, लेकिन क्या कभी सोचा है कि इसे बुरा बनाने वाले हम खुद ही हैं? हर इंसान अपनी मजबूरियों को जानकर खुद को निर्दोष मानता है, पर दूसरों की परिस्थितियों से अनजान होकर उन्हें दोषी ठहरा देता है। इसी सोच से जनमती है ‘बुराई की अंधी चेन’, जहाँ हर कोई खुद को पीड़ित और दूसरों को गुनहगार समझ रहा है। आइए जानते हैं इस मानसिक चक्रव्यूह का सच और इसे तोड़ने के व्यावहारिक उपाय।”जब हम समाज में चारों तरफ देखते हैं, तो अक्सर हमारे मन में यह विचार आता है कि दुनिया