My Shayari Book - 3

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कहानी 1धीरे-धीरे दूर होती है......सब कुछ ठीक चल रहा था…कम से कम मुझे तो यही लगता था।हम दोनों के बीच बातें होती थीं, हँसी होती थी, और एक अजीब सा सुकून था… जैसे सब कुछ सही दिशा में जा रहा हो।लेकिन शायद ये सिर्फ मेरी तरफ से था।वो मुझसे दूर रहती थी… और शायद उसी दूरी ने उसे मुझसे दूर कर दिया।शुरुआत में फर्क नहीं लगा, पर धीरे-धीरे उसकी बातें कम होने लगीं।मैं जब भी उससे मिलने जाता…हर बार उसकी बातें थोड़ी और कम हो जातीं।जैसे वो पास होकर भी कहीं और होती थी।एक दिन मैंने हिम्मत करके पूछ ही लिया—"क्या