नकाब और तन्हाई - 3

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किस्त 3: लाइब्रेरी की वो अजनबीशिकागो पब्लिक लाइब्रेरी का 'सेक्शन 4'—यहाँ रोशनी कम और पुरानी किताबों की खुशबू ज़्यादा थी। जैक एक ऊँची सीढ़ी पर चढ़कर 19वीं सदी के कुछ पुराने रिकॉर्ड्स तरतीब से रख रहा था। उसके हाथ धूल से सने थे और ज़हन में अभी भी रात वाले हादसे की टीस बाकी थी।तभी, नीचे से एक आवाज़ आई। साफ़, मीठी और थोड़ी सी झिझकती हुई।"एक्सक्यूज़ मी... क्या आप बता सकते हैं कि 'उर्दू शायरी का इतिहास' (History of Urdu Poetry) वाली शेल्फ कहाँ मिलेगी?"जैक ने नीचे झुककर देखा। सीढ़ी के ठीक नीचे एक लड़की खड़ी थी। उसने सफ़ेद