अपने कमरे में खिड़की के पास खड़ी थी।बाहर हल्की बारिश हो रही थी… लेकिन उसके अंदर जैसे तूफान चल रहा था।“रिश्ता…”उसके कानों में बस यही शब्द गूंज रहा था।पापा नीचे बैठकर बड़े उत्साह से लड़के वालों की बातें कर रहे थे। “सरकारी अफसर है… अच्छा परिवार है… और सबसे बड़ी बात, लड़के वालों ने खुद आर्या को पसंद किया है।”मां भी खुश थीं।लेकिन आर्या… उसे समझ नहीं आ रहा था कि उसके दिल में इतनी बेचैनी क्यों हो रही है।क्या सिर्फ इसलिए कि शादी की बात अचानक हो गई थी?या फिर इसलिए… क्योंकि उसके दिल में कोई और जगह बना