अंधेरी रात

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अंधेरी रात(हिंदी कहानी – लगभग 2000 शब्द)लेखक: विजय शर्मा ऐरीरात के लगभग ग्यारह बज रहे थे। आसमान में काले बादल छाए हुए थे। कभी-कभी बिजली चमकती और फिर चारों ओर ऐसा अंधेरा छा जाता मानो किसी ने पूरी दुनिया पर काला पर्दा डाल दिया हो।पंजाब के एक छोटे से गांव में रहने वाला अर्जुन अपनी मोटरसाइकिल पर शहर से घर लौट रहा था। वह एक निजी कंपनी में काम करता था और उस दिन ऑफिस में काम अधिक होने के कारण देर हो गई थी।उसकी मां ने कई बार फोन किया था।"बेटा, जल्दी घर आ जाओ। मौसम ठीक नहीं लग